दो अलग-अलग आत्महत्याएं और उनसे निकलती नसीहतें

संपादकीय
27 मार्च 2015
एक जर्मन मुसाफिर विमान के फ्रांस की पहाडिय़ों पर गिरने और डेढ़ सौ लोगों की मौत के बाद अब यह बात सामने आ रही है कि विमान के जूनियर पायलट ने जान बूझकर, सोच-समझकर इस विमान को गिराया। किसी काम से सीनियर पायलट कॉकपिट से बाहर गया था, और जब वह भीतर आने लगा, तो जूनियर पायलट ने दरवाजा नहीं खोला, और विमान को रफ्तार से नीचे लाकर पहाड़ी से टकरा दिया। अभी इसके पीछे कोई आतंकी मकसद नहीं दिख रहा है, इसलिए यह माना जा रहा है कि पायलट ने एक किस्म से आत्महत्या की है। लेकिन कुछ दूसरे लोग यह भी मान रहे हैं कि डेढ़ सौ लोगों को लेकर मरना आत्महत्या नहीं होती। यह नौजवान पायलट अपनी किशोरावस्था से ही पायलट बनना चाहता था, और वह इस तरह की खुदकुशी क्यों करेगा, यह भी अभी लोगों को समझ नहीं पड़ रहा है। लेकिन यूरोप से दूर भारत के कर्नाटक में एक आईएएस अफसर ने आत्महत्या की, और पहली नजर में ऐसा लग रहा था कि उसने सरकार के, राजनीति के ताकतवर और भ्रष्ट लोगों से थककर आत्महत्या की है। लेकिन कुछ दिनों के भीतर जो दूसरी बातें सामने आ रही हैं, उनके मुताबिक इस आत्महत्या के पीछे इस अफसर की एक दूसरी साथी अफसर से एकतरफा मोहब्बत भी हो सकती है, क्योंकि उसने इस किस्म के बहुत से संदेश आत्महत्या के ठीक पहले भेजे थे। 
इन दो मामलों को देखकर ऐसा लगता है कि जो लोग जाहिर तौर पर पेशे में बड़े कामयाब हैं, वे भी इस तरह खुदकुशी कर सकते हैं। अब इससे दो-तीन अलग-अलग बातें उठती हैं। जिस जर्मनी के लोग विमान में मरने वालों में सबसे बड़ी संख्या में थे, वहां की राष्ट्र प्रमुख ने कहा है कि सोच-समझकर किसी पायलट का ऐसा करना अकल्पनीय है। और दुनिया में हवाई सफर करने वाले अधिकतर लोगों की रूह यह सोचकर कांप रही होगी कि उनके विमान के पायलट ने अगर इस तरह की आत्मघाती हरकत तय की, तो मुसाफिरों का क्या होगा। अमरीका और यूरोप के मुकाबले भारत में ऐसे हादसों या ऐसी हरकतों की गुंजाइश थोड़ी सी कम इसलिए है कि यहां के उड़ानों के कानून में यह शर्त है कि अगर किसी एक पायलट को किसी वजह से कॉकपिट छोडऩी पड़े, तो भी विमान के किसी और कर्मचारी को उतनी देर के लिए कॉकपिट में जाकर बैठना होगा। हैरानी की बात है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी और महंगी एयरलाइंस में ऐसा नहीं था। 
लेकिन हम फिर खुदकुशी की बात पर आते हैं। और जिस बात को हम छेडऩे जा रहे हैं, उससे दुनिया का निजी जिंदगी का, और कारोबारी जिंदगी का भी, कामधाम पूरी तरह सदमे का शिकार होकर ठप्प हो सकता है। लोग एक-दूसरे से किसी भी किस्म के राज को साझा करने के पहले क्या हर बार यह तौलेंगे कि ऐसे राज को लेकर, कागजों पर या फोन पर, या ई-मेल बॉक्स में, या फिर कर्नाटक के आईएएस की तरह वॉट्सऐप जैसे मैसेंजर पर संदेश छोड़कर अगर कोई खुदकुशी कर ले, तो जिन दूसरे लोगों के राज ऐसे हाल में पुलिस के हाथ लगेंगे, उनका क्या होगा? यह सोचना भयानक है कि लोग एक-दूसरे से इस डर के मारे कोई निजी बात ही न करें।  और इसी तरह कारोबार में भी अगर लोग इस तरह अचानक खुदकुशी कर बैठें, तो आसपास के उनसे जुड़े हुए धंधों के लोगों का क्या होगा?
खुदकुशी कोई नई बात नहीं है, रिश्तों में भी और कारोबार में भी खुदकुशी होती रहती है। लेकिन ऐसी नौबत को ध्यान में रखते हुए लोगों को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए, यह हर किसी को ध्यान से सोचना चाहिए, और इसीलिए आज हम मामूली सी लगती इस नौबत को लेकर एक गंभीर चर्चा छेड़ रहे हैं। लोगों को दूसरों के साथ निजी जिंदगी के राज बांटते हुए यह सोचना चाहिए कि कल को वे नहीं रहे, तो इनमें से कौन से राज बाद में दूसरों के हाथ पड़ सकते हैं? कोई राज को दिल में दफन किए हुए चल बसे, तब भी ठीक है, लेकिन अगर कोई फोन या कम्प्यूटर पर ऐसे राज छोड़ जाए, तो पीछे की कई दूसरी जिंदगियां भी तबाह हो सकती हैं। और लोग जब किसी को राजदार बनाते हैं, तो आमतौर पर यह मानकर चलते हैं कि उनको उन लोगों पर अपने आपसे भी अधिक भरोसा है। लेकिन जब अनचाहे भी कड़वाहट होती है, या बिना कड़वाहट कोई खुदकुशी करते हैं, तो उसके बाद बिखरने वाले राज बड़े नुकसानदेह हो सकते हैं। 
हम इसी किस्म के नुकसान की चर्चा एक दूसरे संदर्भ में कर चुके हैं, कि लोगों को दूसरों के साथ कोई तस्वीर या कोई वीडियो फिल्म यह सोचकर ही बांटनी चाहिए कि वह आगे अगर न भी जाए, तो किसी कम्प्यूटर, ई-मेल बॉक्स, सोशल मीडिया के चैट बॉक्स, या फिर मोबाइल फोन पर तो भेजने वाले के नाम के साथ-साथ पड़े ही रह सकते हैं। और ऐसे किसी उपकरण के गुम जाने पर, या किसी अकाउंट का पासवर्ड किसी और के हाथ लग जाने पर पता नहीं कितने लोगों के तौलिए खिंच जाएंगे। इसलिए विमान के पायलट के आत्मघाती कदम को रोकना तो किसी के लिए मुमकिन नहीं है, निजी बातों को लेकर सावधानी सबके बस में है। और खुदकुशी से परे भी किसी हादसे में, या एक कुदरती मौत से भी लोग मर सकते हैं, और उनके सामानों में दर्ज आपके राज सबके सामने खुल सकते हैं। 

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