अब महज सावधान रहना काफी नहीं, साफ-सुथरा रहना जरूरी

संपादकीय
13 अक्टूबर 2016
अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में जिस तरह पुराने टेप सामने आ रहे हैं, और एक उम्मीदवार के पति के पुराने मामले सामने आ रहे हैं, उससे न सिर्फ अमरीका में, न सिर्फ चुनाव में, बल्कि दुनिया में हर किसी को बहुत कुछ समझने और सीखने की जरूरत है। हिलेरी क्लिंटन के पति, बिल क्लिंटन के खिलाफ एक ऐसा नौजवान सामने आया है जो दावा कर रहा है कि वह क्लिंटन का अवैध बेटा है। क्लिंटन के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली चार महिलाओं को डोनाल्ड ट्रम्प ने हिलेरी के साथ बहस में सामने पेश कर ही दिया था, और अब डोनाल्ड ट्रम्प के खिलाफ दो महिलाएं सामने आई हैं जिन्होंने दशकों पहले ट्रम्प के हाथों देह शोषण की शिकायतें मीडिया के सामने रखी हैं। लेकिन यह अमरीका की कोई खास बात नहीं है, और भारत में भी नारायण दत्त तिवारी से लेकर बहुत से दूसरे नेता ऐसे आरोप झेलते रहे हैं, डीएनए जांच से उनकी वैध-अवैध संतानें सामने आती रही हैं।
लेकिन आज इस घिसे-पिटे मुद्दे पर चर्चा की एक खास वजह है। अभी कोई 20-25 बरस पहले तक ऐसे स्टिंग ऑपरेशन नहीं होते थे, या टेलीफोन की रिकॉर्डिंग बहुत आम बात नहीं थी, या डीएनए जांच का उतना अधिक चलन नहीं था। आज तो छोटे-छोटे बच्चे भी हाथ में ऐसे मोबाइल लिए चलते हैं कि जिनसे कि तरह-तरह वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है, हर कॉल रिकॉर्ड हो सकती है, और हर संदेश हमेशा के लिए अपमान बनकर दर्ज हो सकता है। अब छोटे-छोटे पेन और की-रिंग में भी कैमरे आम बात हो चुके हैं, और हर किसी को न सिर्फ सावधान रहने की जरूरत है, बल्कि अपना चाल-चलन ही ठीक रखने की जरूरत है। गांधी के विरोधियों ने अभी कुछ दिन पहले ही एक लेख में यह सवाल उठाया कि क्या गांधी अपनी महानता के दर्जे का फायदा उठाकर कमउम्र लड़कियों के साथ अपने सेक्स प्रयोग नहीं करते थे? और क्या आज के कानून के मुताबिक वे प्रयोग उनको जेल में नहीं डाल देते?
वक्त के साथ-साथ तौर-तरीके बदल जाते हैं, आज कोई गांधी भी उस तरह के प्रयोग नहीं कर सकता, और कानून भी अब इतना कड़ा हो गया है कि एक नाबालिग बच्ची की शिकायत के बाद बरसों से आसाराम की जमानत नहीं हो रही है। अब वक्त इतना खतरनाक है कि महज सावधानी किसी को नहीं बचा सकती, अब पूरी तरह से साफ-सुथरे रहने वाले लोग ही सुरक्षित रह सकते हैं। आज का डिजिटल जमाना हर शब्द और हर पल को ऐसे रिकॉर्ड करता है कि उसे कोई मिटाना चाहे, तो भी वह मुमकिन नहीं है। लोगों को याद रखना चाहिए कि पुराने कुकर्म कब्र फाड़कर उठ खड़े होते हैं, और अच्छी भली जिंदगी को तबाह करने की ताकत रखते हैं। इसलिए आज टेक्नालॉजी ने कुछ कहना, कुछ लिखना, कुछ भेजना जितना आसान कर दिया है, उतना ही अधिक अपने आपको ठीक रखना भी जरूरी हो गया है। आज तो मन में अगर कोई गलत खयाल आया, तो मानो उसका पोस्टर ही छप गया।

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