सुप्रीम कोर्ट विनय कटियार को कटघरे में क्यों नहीं बुलाता?

संपादकीय
7 फरवरी 2018


भारत की सबसे बड़ी मुस्लिम पार्टी एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में यह मांग की है कि केन्द्र सरकार ऐसा कानून बनाए कि अगर कोई भारतीय मुस्लिम को पाकिस्तानी कहते हैं तो उन्हें कड़ी सजा हो। उन्होंने सुझाया कि बार-बार ऐसा करने वालों को कम से कम तीन साल की कैद दी जानी चाहिए। दूसरी तरफ इसके जवाब में भाजपा के राज्यसभा सदस्य विनय कटियार ने कहा है कि भारत में मुसलमानों की जरूरत नहीं है, उन्हें इस देश में रहना ही नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे की वजह ही मुसलमान थे, और जनसंख्या के आधार पर उनका बंटवारा कर दिया गया, तो फिर उन्हें इस देश में रहने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि मुस्लिमों के लिए दो-दो देश हैं, बांग्लादेश और पाकिस्तान, वे जाकर वहां रहें, यहां उनका क्या काम है?
विनय कटियार को लोग बजरंग दल के संस्थापक-अध्यक्ष के रूप में जानते हैं, और वे लगातार विश्व हिन्दू परिषद में सक्रिय रहे हैं। उत्तरप्रदेश की राजनीति में वे लगातार बाबरी मस्जिद गिराने वाले लोगों की अगुवाई करने वाले रहे हैं, और वे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव रह चुके हैं, और इस पार्टी की तरफ से राज्यसभा में मनोनीत सांसद हैं। विनय कटियार कभी भी देश की एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव की बात करते नहीं पाए गए हैं, और उनका पूरा राजनीतिक जीवन नफरत और हिंसा की असंवैधानिक बातों से भरा रहा है। आज अफसोस इस बात का है कि भाजपा के नेता और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक तरफ तो हिन्दुस्तान को दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनाने की ओर बढऩे का दावा करते हैं, दूसरी तरफ उन्हीं की पार्टी के बड़े-बड़े नेता, बड़े-बड़े मंत्री लगातार देश के बड़े-बड़े तबकों को राष्ट्र की मूलधारा से काटने में लगे दिखते हैं। मुस्लिमों और बाकी अल्पसंख्यकों को तरह-तरह से गालियां और धमकियां दी जा रही हैं, आदिवासियों और दलितों को उनके धार्मिक रीति-रिवाज, सामाजिक प्रथाओं, और खानपान-रोजगार जैसे सभी मामलों में धमकाया जा रहा है, और उन पर हमले किए जा रहे हैं। इस देश को अगर आर्थिक तरक्की करनी है, तो वह नारों से परे, हकीकत में सबका साथ-सबका विकास करने पर ही हो सकेगी। आज आधी आबादी को तरह-तरह से धमकाकर, कुचलकर, हीनभावना में डालकर देश को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। यहां यह भी याद रखने की जरूरत है कि बाकी हिन्दुस्तान में जब कभी मुस्लिमों को गाली दी जाती है, या उन्हें गद्दार कहा जाता है, या उन पर हमले होते हैं, तो वैसे में कश्मीर में उसकी प्रतिक्रिया होती है। आज तो कश्मीर की हुकूमत मोदी की अगुवाई वाले एनडीए के हाथ ही है, और वहां पर राज्य और केन्द्र सरकारें जिस तरह परेशानी झेल रही हैं, उसके पीछे देश के बाकी हिस्सों में मुस्लिमों के खिलाफ बयानबाजी और कश्मीरियों पर हमले भी जिम्मेदार हैं।
आज जब ओवैसी यह मांग करते हैं कि हिन्दुस्तानियों में से किसी को भी पाकिस्तानी कहने वाले को सजा देने का कानून बनना चाहिए, तो यह एक अच्छी बात है, और यह बताती है कि देश की सबसे बड़ी मुस्लिम पार्टी के नेता को हिन्दुस्तानी को पाकिस्तानी करार देना गाली की तरह का जुर्म लगता है।  ऐसे में एक तरफ तो ओवैसी इस बात को दम-खम के साथ स्थापित कर रहे हैं कि हिन्दुस्तानी मुस्लिम पूरी तरह से इस मुल्क के हैं, इसके लिए वफादार हैं, और उन्हें किसी दूसरे मुल्क का कहना एक जुर्म है। दूसरी तरफ विनय कटियार सरीखे लोग हिन्दुस्तानी मुस्लिमों को देश के बाहर निकालने के फतवे दे रहे हैं। यह नौबत शर्मनाक है, अलोकतांत्रिक है, और सचमुच ही एक जुर्म भी है। एक ही बात जो हमें समझ नहीं पड़ती है, वह यह कि सुप्रीम कोर्ट ऐसी राष्ट्रविरोधी बातों पर खुद होकर कोई नोटिस क्यों नहीं ले रहा है? यही सुप्रीम कोर्ट बलात्कार की शिकार एक महिला के खिलाफ गंदा बयान देने वाले उत्तरप्रदेश के समाजवादी नेता आजम खान को नोटिस देकर बुला सकता है, उनसे बांह मरोड़कर माफी मंगवा सकता है, तो जाहिर तौर पर राष्ट्रविरोध के ऐसे बयान देने वाले विनय कटियार को कटघरे में क्यों नहीं बुलाता?
हमारा यह भी मानना है कि अपनी पार्टी के लोगों के ऐसे बयानों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुप नहीं रहना चाहिए। कहे हुए शब्द तो इतिहास में दर्ज होते ही हैं, लेकिन चुप्पी भी इतिहास में दर्ज होती है। आज देश में हिन्दू धर्म या समाज के नाम पर हिंसा करने वालों का हौसला एक टीवी चैनल पर सुबह से दिख रहा है जिसमें एक बुजुर्ग मुस्लिम की दाढ़ी पकड़कर एक हिन्दू नौजवान अपना परिचय देते हुए उसे बुरी तरह पीट रहा है, और उससे जयश्री राम कहलवाने की कोशिश कर रहा है, उसे गंदी-गंदी गालियां दे रहा है, और अपने धार्मिक अहंकार के साथ कैमरे को देखते हुए अपना नाम बताते हुए फिल्म भी बनवा रहा है। इस देश में ऐसा माहौल पहले कभी नहीं रहा। (Daily Chhattisgarh)

1 टिप्पणी:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन मन्मथ नाथ गुप्त और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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