1 अगस्त
आप उतने ही सलीके वाले माने जाते हैं, जितने सलीके से आप जूते-चप्पल उतारने के बाद रखते हैं, जितने ठीक से आप पढ़े हुए अखबार को मोड़कर रखते हैं, जितने साफ आप शौचालय या बाथरूम छोड़ते हैं। और ऐसी आदत आप किसी एक मौके पर दिखावे के लिए नहीं डाल पाते, उसे हमेशा के लिए ही डालना पड़ता है।
आप उतने ही सलीके वाले माने जाते हैं, जितने सलीके से आप जूते-चप्पल उतारने के बाद रखते हैं, जितने ठीक से आप पढ़े हुए अखबार को मोड़कर रखते हैं, जितने साफ आप शौचालय या बाथरूम छोड़ते हैं। और ऐसी आदत आप किसी एक मौके पर दिखावे के लिए नहीं डाल पाते, उसे हमेशा के लिए ही डालना पड़ता है।
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