छोटी सी बात

15 अक्टूबर
जो लोग अखबारों को पन्नों से गिनकर उनकी अहमियत आंकते हैं, वे पढऩे वाले नहीं, तौलने वाले होते हैं। अच्छा पढऩे, और आसपास के लोगों के पढ़ाने में दिलचस्पी लें। इसी से दुनिया बेहतर हो जाएगी। अच्छे अखबार, अच्छी पत्रिकाएं और अच्छी किताबें खत्म हो जाएं, तो दुनिया बुरी ही बच जाएगी? अच्छे और बुरे में फर्क करना सीखें।

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