2 अक्टूबर
किसी के परिवार में बैठें तो अपनी उम्र के लोगों से बात करने के बजाय उस परिवार के बच्चों और बूढ़ों से अधिक बात करें। अपनी बराबरी के लोगों से तो आप और भी कहीं बात कर सकते हैं।
किसी के परिवार में बैठें तो अपनी उम्र के लोगों से बात करने के बजाय उस परिवार के बच्चों और बूढ़ों से अधिक बात करें। अपनी बराबरी के लोगों से तो आप और भी कहीं बात कर सकते हैं।
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