छोटी सी बात


छोटी सी बात
21 दिसंबर
किसी बदनीयत से बहस करना, कीचड़ में सुअर से कुश्ती लडऩे जैसा होता है। जब तक लोगों के दिमाग खुले हुए न हों, तब तक बहस में न उलझें। कड़े खोल वाले साबुत बेल से कोई स्वाद नहीं आता।

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