छोटी सी बात
9 नवंबर 2011
जब दिन अच्छे न चल रहे हों, तो भी हौसला न छोड़ें। जब अच्छे दिन स्थायी नहीं होते तो बुरे दिन भी हमेशा नहीं चलते। अच्छे दिनों में दिमाग को काबू में रखने की जरूरत होती है और बुरे दिनों में दिल को मजबूत रखने की।
9 नवंबर 2011
जब दिन अच्छे न चल रहे हों, तो भी हौसला न छोड़ें। जब अच्छे दिन स्थायी नहीं होते तो बुरे दिन भी हमेशा नहीं चलते। अच्छे दिनों में दिमाग को काबू में रखने की जरूरत होती है और बुरे दिनों में दिल को मजबूत रखने की।
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