सोनिया और सपना के खिलाफ गंदा बयान, और अमित शाह का दिया गया एक अच्छा तर्क

संपादकीय
25 मार्च 2019



हरियाणा की एक डांसर सपना चौधरी दो दिनों से खबरों में हैं। वे उत्तर भारत में खासी मशहूर हैं, और पहले कांग्रेस ने यह दावा कि वे उनकी पार्टी में आ गई हैं, फिर भाजपा ने ऐसा दावा किया। दोनों ही पार्टियों ने अपने नेताओं के साथ सपना की तस्वीरें पोस्ट कीं, दूसरी पार्टी के दावे को झूठा बताया, और खुद सपना चौधरी की बातें मिली-जुली हैं कि वे क्या करेंगी। खैर, आज इस पर लिखने का मुद्दा यह नहीं है कि यह लोकप्रियता किस पार्टी को फायदा पहुंचाती है, बल्कि मीडिया और सोशल मीडिया पर इन दोनों पार्टियों के लोगों की लिखी बातें हैं कि सपना चौधरी का कांग्रेस में जाना, या राजनीति में आना कैसा होगा। उत्तरप्रदेश के एक भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने ओछेपन का अब तक का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सार्वजनिक रूप से राहुल गांधी को सलाह दी है कि वे सपना चौधरी से शादी कर लें। सुरेंद्र सिंह ने कहा कि राहुलजी भी अपनी कुल परंपरा को आगे बढ़ाएं यह अच्छी बात है। उनकी माताजी भी इटली में इसी पेशे से थीं, आज उन्होंने सपना को भी अपना बना लिया। मैं तो धन्यवाद दूंगा राहुलजी को कि जैसे आपके पिताजी ने सोनिया गांधी को अपना बना लिया, आप भी आज भारत की राजनीति में सपना को अपना बनाकर राजनीति की नई पारी की शुरुआत करें। इसके लिए आपको साधुवाद।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अभी कल ही एक पे्रस कांफे्रंस लेकर यह बयान दिया था कि कांग्रेस के नेता जिस तरह भारत पर आतंकी हमले, उसमें पाकिस्तान की भूमिका, पाकिस्तान पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर बयान दे रहे हैं उन पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने खासे आक्रामक तेवर में ऐसे सारे बयानों के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया था और कांग्रेस के समय-समय पर दिए गए ऐसे तर्क को पूरी तरह खारिज कर दिया था कि ये बयान इन नेताओं के निजी बयान थे जिनसे कांग्रेस पार्टी सहमत नहीं है। अमित शाह ने काफी जोर देते हुए इस बात को दुहराया था कि राजनीति में और सार्वजनिक जीवन में निजी क्या होता है? उन्होंने कहा था कि जब किसी पार्टी के नेता या पदाधिकारी कोई बयान देते हैं, तो वह पार्टी का ही बयान होता है। अमित शाह की यह बात पूरी तरह तर्कसंगत है कि कोई पार्टी अपने नेताओं की गलतबयानी से किनारा नहीं कर सकती, उनको अनदेखा नहीं कर सकती, और उन्हें नेता की निजी राय नहीं बता सकती। अमित शाह के बयान के कुछ घंटों के भीतर ही जिस तरह यूपी के इस भाजपा विधायक ने कैमरों के सामने खुलकर जिस तरह की बात कही है, उसे खुद अमित शाह के तय किए हुए पैमानों के मुताबिक नेता की निजी राय नहीं माना जा सकता। हमने दो दिन पहले इसी जगह पर कांग्रेस के सैम पित्रोदा और दूसरे नेताओं के अनर्गल और अवांछित बयानों के खिलाफ लिखा था कि किस तरह ऐसे बयान कांग्रेस के खिलाफ जाते हैं। सैम पित्रोदा के उसी बयान को लेकर अमित शाह ने मीडिया के सामने खुलकर अपनी तर्कसंगत बात रखी थी। और अब उनकी पार्टी के विधायक ने महिलाओं के प्रति हिकारत की अपनी सोच जाहिर करते हुए, सोनिया परिवार से खास नफरत जाहिर करते हुए उनकी बेइज्जती का जो काम किया है, वह काम भाजपा का कोई नफा नहीं करने जा रहा है, उससे आम हिंदुस्तानियों के मन में भाजपा के लिए अरूचि होगी। लेकिन भाजपा या कांग्रेस के प्रति लोगों की अरूचि हमारी फिक्र की बात नहीं है। ओछेपन और गंदगी के बयान, चाहे वे किसी भी पार्टी के कोई भी नेता दें, वे आम हिंदुस्तानी की फिक्र की बात होनी चाहिए, क्योंकि पुरूषवादी सोच का ऐसा ओछा हमला आने वाले कल को किसी दूसरी महिला पर भी होगा ही होगा, और ऐसी दूसरी महिला जरूरी नहीं है कि राजनीति की हो, वह कोई ऐसी महिला भी हो सकती है जो जिंदगी के किसी और दायरे में कामयाब होने जा रही हो। यह नफरत राजनीतिक कम है, यह कामयाब महिलाओं से नफरत अधिक है, फिर चाहे वह सपना चौधरी हो, या सोनिया गांधी। अमित शाह ने किसी भी पार्टी के नेताओं के बयानों को लेकर जो कहा है, वह पैमाना सचमुच ही सभी पर लागू करना चाहिए, दो दिन पहले वह कांग्रेस पर लागू हो रहा था, और आज वह भाजपा पर लागू हो रहा है।

(Daily Chhattisgarh) 

5:00 PM

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