अपने से कमजोर पर जुल्म न करें


24 अप्रैल 2012
सड़क पर बहुत से लोग अपने से छोटी गाड़ी वालों पर ज्यादती करने पर उतर आते हैं, और अपने को ताकतवर समझते हैं। आप उतने ही ताकतवर होते हैं, जितनी ताकत अपने से अधिक ताकतवर पर दिखा सकते हैं। कार वाले के लिए, एक ठेले और रिक्शेवाले को थप्पड़ लगा देने में बहादुरी नहीं कायरता है। बहादुरी तो तब हो जब सड़क पर ज्यादती करने वाले किसी लालबत्तीधरी को रोककर विरोध करने की आपकी हिम्मत हो। अपने से छोटे, गरीब, कमजोर पर जुल्म करके आप अपने-आपको बहुत कमजोर साबित करते हैं। ऐसे लोगों से किनारा करें जो कि आदतन कमजोर लोगों पर ज्यादती करते हैं। ऐसी बात को अनदेखा करके, या उस पर चुप रहकर आप उसमें हिस्सेदार भी बन जाते हैं। 
विनम्रता आपको सड़क पर तो पीछे रख सकती है, लेकिन लोगों की नजरों में आपको आगे रखती है। 
आपकी बदतमीजी आपके बच्चों में भी उतरती है। अधिक हॉर्न बजाने वालों के बारे में मनोविज्ञान यह कहता है कि जिन बच्चों को बचपन में खिलौने नहीं मिले होते, वे ही अधिक हॉर्न बजाते हैं। मेरा तो यह भी मानना होता है कि कमजोर लोगों पर वे ही लोग अधिक चीखते हैं जिन्होंने अपने घर पर बचपन में अपनी माँ पर अपने बाप को चीखते देखा हो। इसलिए अपने माँ-बाप की छवि ठीक रखनी हो तो अपने बर्ताव को ठीक रखें। और ऐसी ही बातों की मिसाल अपने बच्चों के सामने पेश करें जिनसे कि उनके बड़े होने पर आपकी छवि खराब ना हो। 

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