18 जुलाई 2011
अगर लिखना आपको अच्छा लगता है तो जान लें कि पढऩा और लोगों से गंभीर मुद्दों पर सुनना, बात करना बहुत जरूरी है। पढऩे-सुनने में सौ घंटे लगें, तो शायद आप एक घंटे अच्छा लिख सकते हैं।
अगर लिखना आपको अच्छा लगता है तो जान लें कि पढऩा और लोगों से गंभीर मुद्दों पर सुनना, बात करना बहुत जरूरी है। पढऩे-सुनने में सौ घंटे लगें, तो शायद आप एक घंटे अच्छा लिख सकते हैं।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें