छोटी सी बात

छोटी सी बात
4 जुलाई
एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन या इंटरव्यू जैसी जरूरी जगहों पर जाते हुए यह ध्यान रखें कि गाड़ी पंक्चर भी हो सकती है और उसमें आप आधा घंटा लेट हो सकते हैं। समय से पहले पहुंचने की आदत रखें क्योंकि हड़बड़ी में काम भी बिगड़ सकता है, और एक्सीडेंट भी हो सकता है।


छोटी सी बात
5 जुलाई
कुछ लोगों को पता समझाने में दिमागी दिक्कत रहती है। वे सामने न रहने पर भी फोन पर ...इधर...उधर... जरा आगे से इस तरफ... जैसी भाषा में पता समझाते हैं। इन्हें रोककर इमारत या सड़क के नाम सहित ही समझाने को कहें। और पूछें कि आस-पास जानी-पहचानी कौन सी जगह है। किसी बड़ी जगह के गेट को कोई बताए तो पूछ लें कि कौन सा गेट? बड़ी जगहों के एक से अधिक गेट भी होते हैं।

छोटी सी बात
6 जुलाई
कुछ लोग ऐसे रहते हैं जो कि आपके पूछे गए सवालों के जवाब छोड़कर बाकी सारी जानकारी देते हैं। ये वे लोग रहते हैं जो इम्तहान में पूछे गए सवालों के जवाब मालूम न रहने पर, जो मालूम रहता है, वही लिखकर आ जाते हैं। ऐसे जवाब देने वालें को तुरंत याद दिला दें कि वे पूछी गई बात नहीं बता रहे। उन्हें ढील दी तो वे कार की जगह गाय का निबंध लिखने लगेंगे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें