6 सितंबर
सफर में साथ चल रहे लोग अलग-अलग बैठकर भी देखें। नए लोगों से मुलाकात तभी अधिक होती जब आप नए-नए लोगों के साथ बैठते हैं। अपने ही लोगों से घिरे लोग दुनिया को कम ही जान पाते हैं। इसलिए दुनिया को तलाशने वाले तमाम लोग अपने घरवालों के बिना ही चलते आए हैं। कोलंबस शायद ही घरवालों के साथ चला हो।
सफर में साथ चल रहे लोग अलग-अलग बैठकर भी देखें। नए लोगों से मुलाकात तभी अधिक होती जब आप नए-नए लोगों के साथ बैठते हैं। अपने ही लोगों से घिरे लोग दुनिया को कम ही जान पाते हैं। इसलिए दुनिया को तलाशने वाले तमाम लोग अपने घरवालों के बिना ही चलते आए हैं। कोलंबस शायद ही घरवालों के साथ चला हो।
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