23 सितंबर
अस्पताल हो या कोई और सार्वजनिक जगह, औरों को परेशान करने लायक जोर-जोर से बात करने आप अपने को बदतमीज साबित करते हैं। ऐसे लोगों के साथ खड़े लोग भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं। कोई भी अपनी दौलत से बड़ा नहीं बनता बल्कि इंसानियत से बड़ा बनता है।
अस्पताल हो या कोई और सार्वजनिक जगह, औरों को परेशान करने लायक जोर-जोर से बात करने आप अपने को बदतमीज साबित करते हैं। ऐसे लोगों के साथ खड़े लोग भी उतने ही जिम्मेदार होते हैं। कोई भी अपनी दौलत से बड़ा नहीं बनता बल्कि इंसानियत से बड़ा बनता है।
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