छोटी सी बात..


31 मार्च....
अपने और दूसरों के वक्त का ख्याल
जब कभी आप किसी कामकाजी या व्यस्त व्यक्ति से मिलने के लिए बिना फोन किए, बिना समय तय किए पहुंच जाते हैं, तो आप आपसी शर्मिंदगी या अपमान की नौबत ले आते हैं। इन दिनों जब हर किसी के पास फोन की सहूलियत है, तो फोन पर बात करके, समय तय करके ही कहीं जाएं। ऐसा न करने पर या तो आप दूसरे कामकाजी व्यक्ति के काम में रूकावट बनते हैं, या उनकी निजी जिंदगी में दखल। ये दोनों ही बातें ठीक नहीं हैं। 
यह भी ध्यान रखें कि आप जब किसी से मिलने अचानक पहुंच जाते हैं, तब वे किसी ऐसे दूसरे व्यक्ति से बात करने में लगे हुए हों, जिनसे वे आपके सामने बात करना नहीं चाहते हों। ऐसी बहुत सी स्थितियां रहती हैं। अपने और दूसरों के समय और सम्मान दोनों का ख्याल रखें। 
दूसरी बात यह कि अगर आपसे मिलने तैयार होते हैं, तो वह मुलाकात अंतहीन न हो जाए। यह अंदाज लगा लें कि वे आपके लिए कितना समय निकाल सकते हैं, और उसी हिसाब से अपनी रवानगी तय कर लें। कुछ लोग शिष्टाचार के लिए आपसे चाय-कॉफी पूछ सकते हैं, लेकिन अगर आपकी बहुत अंतरंगता नहीं है, तो पहली बार में आपको इसके लिए मना करना चाहिए और इसके बाद ही अगर वे जोर दें, तो फिर हां या ना कहना आपके बस में होता है। 
यह भी ध्यान रखें कि अगर एसएमएस पर कोई बात हो सकती है, तो व्यस्त लोगों को सीधे फोन करने के बजाय पहले एसएमएस भेजकर देख लें, हो सकता है कि वे किसी बैठक के बीच से भी आपको जवाब दे सकें और फोन पर बात करने की जरूरत न आए। 
अपने और दूसरों के वक्त का ख्याल किए बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकते। 
-सुनील कुमार

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