26 मार्च
होली तो है लेकिन...
हिन्दुस्तान में बहुत से त्यौहारों के मौकों पर नशा करने का चलन है, और इसके बाद लोग कई बार एक-दूसरे से बहुत किस्म की बदसलूकी भी कर बैठते हैं। जो पीने वाले हैं उनको तो यह लगता है कि नशे में कही हुई बात आई-गई हो जाती है। लेकिन ऐसा होता नहीं है। लोगों के मन में चुभी हुई बात कई बार तो पूरी जिंदगी नहीं निकल पाती। और रिश्ते कभी पहले जैसे नहीं हो पाते। इसलिए अपने नशे को बंद कमरे तक अगर रख सकें तो ही वह आपके लिए कम नुकसानदेह है, और अगर वह दूसरों के सामने सिर चढ़कर बोलता है, तो फिर वह आपके लिए सेहत से परे भी नुकसानदेह रहता है।
आज हिन्दुस्तान में बड़े-बड़े ताकतवर लोग, अरबों की दौलत के बावजूद जेल जाते दिखते हैं, क्योंकि उनसे कोई जुर्म हो गया, या कोई चूक हो गई। कानून की नजर में गलत काम और गलती दोनों के लिए बड़ी-छोटी सजा है। नशे की हालत में इनमें से कुछ भी अगर आपसे होता है, तो न सिर्फ आपकी जिंदगी जेल में कट सकती है, बल्कि पूरा परिवार तबाह हो सकता है। इसलिए नशे से बचने में ही समझदारी है। अपने पैसे, अपनी सेहत, और आसपास के माहौल का खराब करते हुए जेल जाने जैसे किसी हादसे से बचकर चलना ही ठीक है।
- सुनील कुमार
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