25 मार्च
ज्ञान की विरासत
जिस मौसम में जो फूल खिलते हैं, या फल बाजार में आते हैं, या जो मौसमी सब्जियां दिखती हैं, उनको लेकर खुद भी जानकारी पाना चाहिए, और अपने आस-पास के बच्चों-बड़ों को बताना भी चाहिए। जरा से तलाशें तो पता लगेगा कि कौन सा फूल किस देश से आया, उसका चिकित्सा में क्या इस्तेमाल है, उसका जिक्र किस पौराणिक कथा में है, और उसकी क्या-क्या खूबियां हैं। ऐसी जानकारी की आदत अगर डाल लें, तो आपके आस-पास का पूरा दायरा उससे फायदा भी पाता है और धीरे-धीरे दूसरे लोग भी कुछ दूसरी जानकारी लाकर आपके साथ बांटते हैं। इसीलिए कहा गया है कि ज्ञान को जितना बांटें, वह उतना ही बढ़ता है। यह बात आपके ज्ञान पर आपको मिलने वाले किसी ब्याज से नहीं बनी है, बल्कि इसलिए बनी है कि ज्ञान की आदत जब आपके आस-पास के लोगों को पड़ती है, तो वे अपना जुटाया ज्ञान भी आपके साथ बांटते हैं।
अपनी अगली पीढ़ी को विरासत में आप जो कुछ अच्छी चीजें देकर जा सकते हैं, उनमें ज्ञान की आदत एक महत्वपूर्ण बात हो सकती है, जिसे कि आने वाली कोई भी मंदी छीनकर नहीं ले जा सकेगी।
- सुनील कुमार
बेहतरीन प्रस्तुति.होली की हार्दिक शुभकामनाएँ.
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