15 अप्रैल
धोखे के फेर में पडऩे के पहले सोचें...
टीवी के परदे पर एक के बाद दूसरा जालसाज छाए रहता है। पहले निर्मल बाबा नाम का एक आदमी लोगों को बेवकूफ बनाता रहा, अब कुछ दूसरे बाबा यही काम कर रहे हैं। इनके झांसे में आने वाले लोगों को यह सोचना चाहिए कि स्वर्ग दिलाना अगर इतना ही आसान होता, तो ऐसे बाबा धरती के लोगों को स्वर्ग ले जाने के लिए एक ट्रैवल एजेंसी ही खोल चुके होते। इसलिए किसी के झांसे में आने से पहले, किसी के करिश्मे पर भरोसा करने के पहले, अपनी अक्ल, सामान्य तर्क, और विज्ञान की कुछ बुनियादी बातों पर भी गौर कर लेना चाहिए।
किसी समझदार ने कभी यह लिखा था कि जब दुनिया का पहला मूर्ख, दुनिया के किसी जालसाज से मिला, तो उसी वक्त धर्म का आविष्कार हुआ। वह बात आज भी लागू होती है, और अब वह धर्म से बढ़कर आध्यात्म नाम की दूकान पर भी बिकने लगी है, और कई रंगों की पैकिंग में जन्नत बाजार में है।
उन्हीं लोगों को इन सब मदद की अधिक जरूरत होती है, जिनके सीने पर अपने ही गलत कामों का बोझ सवार होता है। कभी यह सोचकर देखें कि अगर खुद सारे काम ही अच्छे करें, तो किसी बाबा की जरूरत ही क्या होगी?
- सुनील कुमार
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