छोटी सी बात


7 अप्रैल 2013
सफर के कई फायदों में से एक
सफर का समय नए लोगों से मुलाकात के लिए अच्छा होता है। ट्रेन, बस, या विमान, जैसे भी सफर कर रहे हों, बहुत से लोगों से बातचीत की गुंजाइश निकलती है। ऐसे मौके पर अपने साथ चल रहे लोगों के बजाय, नए-नए लोगों से बात करनी चाहिए। परिचय का दायरा भी बढ़ता है, और सामान्य ज्ञान भी। 
यह बात सुनने में अटपटी लगेगी कि साथ चलने वाले कुछ लोग भी ऐसे होते हैं जो सफर के दौरान अलग-अलग सीटों पर बैठते हैं ताकि नए लोगों से नई बात हो सके। 
दुनिया घूमने वाले लोगों का यह भी अनुभव है कि जो लोग सिर्फ अपनी टोली में चलते और रहते हैं, वे दुनिया को कम देख पाते हैं। नए लोगों से उनकी बात-मुलाकात कम हो पाती है। इसलिए खतरा उठाए बिना जहां-जहां आप नए लोगों से मिल सकते हैं, उनसे उनके देश-प्रदेश, पेशे और शौक के बारे में आम जानकारी ले सकते हैं, लेने की कोशिश करें। 
कुछ लोग बच्चों को अधिक सवाल करने पर चुप करा देते हैं, कि दूसरे मुसाफिरों या पास के लोगों को परेशान क्यों किया जाए। यह बात भी ठीक नहीं है। बच्चों की सामान्य जिज्ञासा न रहे, उससे उपजे सवाल पूछने का मौका न रहे, तो उनकी जानकारी ही नहीं बढ़ सकेगी। उनको भी लोगों से बातचीत करने के लिए बढ़ावा दें, और अगर काम की बात हो रही है तो खुद भी उसे सुनने की कोशिश करें।
- सुनील कुमार 

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