छत्तीसगढ़ में बैंक खाते से हुई साइबर ठगी, प्रशिक्षण जरूरी

संपादकीय
11 फरवरी 2017


छत्तीसगढ़ में एक किसान को जमीन का मुआवजा मिला और उसने बैंक से मोबाइल फोन के मार्फत काम करने का एप्लीकेशन भी किसी के कहे डाउनलोड कर लिया। नतीजा यह हुआ कि किसी और ने उसके फोन से साढ़े 13 लाख रूपए निकाल लिए, और यह दिव्यांग बुजुर्ग अब लुटा हुआ बैठा है। आज जिस रफ्तार से देश के लोगों को डिजिटल भुगतान की तरफ, कैशलेस भुगतान की तरफ ले जाया जा रहा है, और नगदी को कम करने की कोशिश चल रही है, उसमें केन्द्र और राज्य सरकारें बड़ी रफ्तार से लोगों को मोबाइल फोन और इंटरनेट से बैंकिंग के फायदे सिखा रही हैं। लेकिन न सिर्फ कम पढ़े-लिखे लोग, न सिर्फ बुजुर्ग लोग, बल्कि देश की तमाम पीढिय़ों में अधिकतर ऐसे लोग हैं जो कि साइबर-सुरक्षा की जरूरतों से वाकिफ नहीं हैं। बहुत से लोग तो फोन की स्क्रीन तक लॉक करना नहीं जानते, और बहुत से लोग किसी आम कम्प्यूटर पर भी अपने ईमेल या दूसरे अकाउंट खुले छोड़कर चले जाते हैं।
दरअसल कोई भी तकनीक लोगों के हुनर के एक स्तर के साथ ही कारगर रहती है। आज लोग जिस बात के लिए तैयार नहीं हैं, उसे केन्द्र सरकार और राज्य सरकारें नोटबंदी के एक तार्किक विस्तार की तरह बढ़ा रहे हैं, और नोटबंदी को कामयाब साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन ऐसा हो नहीं हो सकता। लोग रात-दिन ठगी के शिकार भी हो रहे हैं, और उनकी जिंदगी भर की कमाई मिनटों में साफ हुई जा रही है। हमने कुछ समय पहले भी इसी मुद्दे को लेकर लिखा था कि भारत सरकार जिस आक्रामक अंदाज में देश को डिजिटल बनाना चाहती है, और लोगों को बिना नगदी के काम करने की तरफ धकेल रही है, उसे चाहिए कि हर किस्म की साइबर ठगी के खिलाफ लोगों का बीमा करवाए। आज लोग मजबूरी में तरह-तरह के मोबाइल एप इस्तेमाल कर रहे हैं, भुगतान के तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं, और उनको न तो इनकी विश्वसनीयता मालूम है, न ही वे अपने खुद के पासवर्ड हिफाजत से रख सकते। हर दिन देश में कहीं न कहीं एटीएम पर दूसरों की मदद से नगदी निकालने वाले लोग ठगी के शिकार होते हैं, और वे अपना एटीएम कार्ड तक ठीक से इस्तेमाल नहीं कर सकते, ऐसे में रातों-रात लोग डिजिटल-शिक्षित नहीं हो सकते।
राज्य सरकारों को भी यह चाहिए कि अपनी आबादी को भी वे साइबर-सावधानी सिखाएं, और इसके लिए बड़े पैमाने पर बैंकों के बाहर, एटीएम पर, और सार्वजनिक जगहों पर प्रशिक्षण देना होगा, वरना लोगों का भरोसा इस नई तकनीक से तेजी से उठने भी लगेगा। छत्तीसगढ़ में एक किसान जिस तरह से ठगी का शिकार हुआ है, वैसे अनगिनत मामले सामने आ सकते हैं, और हो सकता है कि ऐसे जुर्म हो भी रहे हों, और लोगों को आज पता न चल रहा हो।

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