बेवफाई के पहले आज के खतरों की सोच लेना जरूरी

संपादकीय
31 जनवरी 2017


इन दिनों लगातार इंटरनेट के सोशल मीडिया पर बदला लेने के लिए पोस्ट की गईं तस्वीरें और वीडियो बढ़ते चल रहे हैं। लोग अपने बेवफा साथियों से बदला लेने के लिए बेवफाई के सबूत फैलाकर उनके लिए शर्मिंदगी खड़ी कर रहे हैं, रिश्ते तो टूट ही रहे हैं, समाज में इज्जत भी खत्म हो रही हैं। लेकिन टेक्नॉलॉजी और इस तरह और इतनी रफ्तार से खतरनाक होती जा रही है कि ऐसे खतरे बढ़ते ही चलना है। आज ही एक खबर आई है कि सबसे लोकप्रिय मैसेंजर वॉट्सऐप पर एक नई सहूलियत शुरू हो रही है कि आप अपने करीबी लोगों के साथ यह सुविधा बांट सकते हैं कि आप जहां हैं, आपके फोन से आपकी लोकेशन उन लोगों को दिखती रहे। आज भी फेसबुक जैसे मैसेंजर में यह सुविधा है कि आपके दोस्तों में से कोई अगर आपके आस-पास कहीं हैं, तो आप उन्हें अपने फोन पर देख सकते हैं। मतलब यह कि आप कहां पर हैं, यह बात अब दूसरों तक अपने आप पहुंच सकती है, और आप अपने करीबी लोगों का फोन हाथ लगते ही उनके फोन पर ऐसी सेटिंग कर सकते हैं जिससे बाद में आपको उनकी लोकेशन दिखती ही रहे।
एक वक्त था जब अपने जीवनसाथी या पे्रमी-पे्रमिका पर नजर रखने के लिए लोगों को निजी जासूसों पर खर्च करना पड़ता था। लेकिन आज इंटरनेट पर यह सहूलियत मुफ्त में हासिल है। एक-दूसरे के फोन, एक-दूसरे के सोशल मीडिया अकाउंट, और एक-दूसरे के कम्प्यूटर पर नजर रखकर सब कुछ देखा और जाना जा सकता है, और सारे सुबूत भी जुटाए जा सकते हैं जो कि तलाक से लेकर सजा तक हर किसी बात में काम आ सकते हैं। रोजाना ऐसे कई तलाक हो रहे हैं, और दुनिया भर में शायद लाखों रिश्ते हर दिन टेक्नॉलॉजी की मदद से टूट भी रहे हैं।
यह एक खतरनाक दौर चल रहा है जिसमें सोशल मीडिया और इंटरनेट मिलकर लोगों को बेवफाई के लिए उकसा भी रहे हैं, रास्ते भी सुझा रहे हैं, और जोडिय़ां भी बना रहे हैं। यह सिलसिला बढ़ते जा रहा है, और ऐसी बेवफाई को पकडऩे के औजार भी बढ़ते जा रहे हैं। किसी को इतने भरोसे में नहीं जीना चाहिए कि वे तो बेवफाई कर लेंगे, और उनके जोड़ीदार को पता नहीं लगेगा। आज सार्वजनिक जगहों पर जो कैमरे लगे हैं, उन तक भी लोगों की पहुंच होने लगी है। लोग एक-दूसरे के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स निकालने लगे हैं, एक-दूसरे के फोन या कम्प्यूटर पर मिटाई जा चुकी चीजों को आसानी से दुबारा हासिल किया जा रहा है।
कुल मिलाकर हम जिस बात पर आना चाहते हैं, वह यह है कि वफादारी ही आज रिश्तों की अकेली गारंटी हो सकती है, और बेवफाई के शौकीन लोगों को रिश्ते खत्म होने और सार्वजनिक जीवन में इज्जत खाने की कीमत पर ही ऐसा खतरा उठाना चाहिए। आज दुनिया में हर दिन कहीं न कहीं सड़क किनारे ऐसे पोस्टर-बैनर लगते हैं जिनमें बेवफाई से जख्मी जीवनसाथी बेवफाई के सुबूतों के साथ आरोप फुटपाथों पर चिपका देते हैं। बेवफा लोगों को ऐसी जगह पर अपनी तस्वीर की कल्पना कर लेना चाहिए, उसके बाद ही निजी जिंदगी में दुस्साहस की सोचना चाहिए।

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