सीखने-सिखाने कमाने-खाने का नया दौर

9 मार्च 08
दुनिया के और बहुत से देशों की तरह हांगकांग में भी बेहतर अंगे्रजी जानना एक बड़ी चुनौती है। स्कूल-कॉलेज से निकलकर अच्छे कोर्स में जाने, अच्छा काम पाने के लिए युवा पीढ़ी में चल रही दौड़ में आगे निकलने के लिए हांगकांग में अंगे्रजी की निजी कक्षाएं एक बहुत बड़ा व्यापार बन गया है। ये दूकानें एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए जो तरकीबें इस्तेमाल कर रही हैं, उनको पढऩा बड़ा दिलचस्प था।
कुछ ही महीने हुए एक परिचित ने रायपुर के एक बड़े स्कूल से लौटकर कहा कि वहां रिसेप्शन पर एक बड़ी साधारण दिखने वाली लड़की बैठी थी जबकि आजकल महानगरों के स्कूलों में तमाम शिक्षिकाएं बनी-ठनी रहती हैं और रिसेप्शनिस्ट उनसे भी अधिक। उसने बताया कि माँ-बाप और बच्चे, सभी, स्मार्ट टीचर्स देखना चाहते हैं।
यह सोच मैंने अब तक हवाई उड़ानों में देखी थी जहां खाना-पानी देने और फिर जूठे बर्तन उठाने के लिए, सुरक्षा के नियमों पर अमल करवाने और सामान बेचने के लिए जरूरत से कुछ अधिक सुंदर और स्मार्ट लड़कियों को रखा जाता है। कई बार पूरा हवाई सफर एक अजीब सी बेचैनी के साथ गुजरता है कि जब इन लड़कियों की बराबरी की उम्र नहीं रह गई, तब हवाई सफर नसीब होता है।
खैर बात तो भारत के स्कूलों और हांगकांग (पता नहीं क्या दिक्कत है, जितनी बार 'कांगÓ लिख रहा हूँ, वह 'कांडÓ लिखा रहा है) के कोचिंग सेंटरों की हो रही थी। भारत में तो बनने-ठनने और स्मार्टनेस की बात दिखने लगी है, लेकिन हांगकांग तो हांगकांग है। वहां का माहौल देखें।
चीन का यह महानगरिया टापू आधुनिक व्यापार का बहुत बड़ा केन्द्र है। जाहिर है कि अंगे्रजी का वहां बोलबाला है। कैंटोनीज नाम की स्थानीय बोली के लोगों में शहरी अभिजात्य प्रतिष्ठïा प्रतीक की तरह अंगे्रजी सीखना हो गया है और लोगों के लिए ये कोचिंग सेंटर मिलने-जुलने की जगह हो गए हैं। भाषा सिखाने के अलावा ये आगे की परीक्षाओं की तैयारी भी करवाते हैं और आने वाले पर्चों का अंदाज लगाने के लिए ये विशेषज्ञ भी रखते हैं। लेकिन एक-एक करके जब सभी कोचिंग सेंटरों की पर्चों की भविष्यवाणियां लगभग बराबर सही निकलने लगीं तो फिर फर्क करने का, धंधे में आगे निकलने का नया तरीका निकाला गया।
हांगकांग के टेलीविजन, वहां के होर्डिंग सड़के और ट्रेन के इश्तिहार अब बताते हैं कि किस कोचिंग सेंटर की टीचर्स कितनी सेक्सी हैं। इंटरनेट पर इन टीचर्स की वीडियो क्लिप भी है जिससे नौजवान छांट सकें कि उन्हें अंगे्रजी कहां सीखना है।
बड़े कोचिंग सेंटरों की स्टार टीचर्स के लिए उनका सेंटर फैशन स्टाइलिस्टों और फोटोग्राफरों के साथ कई हफ्ते गुजारने का खर्च उठाता है ताकि वे अधिक मादक बन सकें और दिख सकें। हफ्तों की मेहनत से तय होता है कि उनकी मिनी स्कर्ट कैसी हो और ऊंची ऐडिय़ों की सैंडिलें कैसी हों, तब जाकर वे अपने सेंटर के विज्ञापन की मॉडलिंग करती हैं। ये अंगे्रजी टीचर्स लंबी चौड़ी तनख्वाह भी पाती हैं और शोहरत भी।
हांगकांग के एक सबसे बड़े कोचिंग सेंटर मॉडर्न एजुकेशन के प्रमुख का कहना है कि एंजेला और स्टेला नाम की उनकी इंग्लिश टीचर्स की लंबी टांगें पूरे कोचिंग व्यापार में सबसे सुंदर हैं, और वे हमारी मुख्य बिकाऊ चीज है।
बहुत सेक्सी, बहुत दुस्साहसी और मादक-उत्तेजक शिक्षिकाओं की मांग हांगकांग में फिल्मी सितारों सी है और उनके दाम भी। उनके टीवी, स्टेशन, बस, होर्डिंग और अखबारों के पूरे पन्नों पर कोचिंग सेंटर पूरे उत्तेजक रूप में पेश करता है। कुछ टीचस्र तो ऐसी हैं जिनकी अपनी स्थायी टीम है जिनमें स्टाइलिस्ट, फैशन डिजाइनर और फोटोग्राफर हैं जो पूरे वक्त उसे और दर्शनीय, और वांछनीय बनाते चलते हैं। उनकी अपनी वेबसाइटें हैं जहां संभावित छात्र उनकी तस्वीरों के अलबम देख सकते हैं, उनकी डायरी पढ़ सकते हैं और क्लासरूम के 'मस्ती के पलोंÓ की वीडियो क्लिप डाऊनलोड भी कर सकते हैं।
दरअसल हांगकांग में हाईस्कूल के सात बरसों की पढ़ाई के बाद छात्र-छात्राओं (मैं और जगहों पर पहले महिला का जिक्र करने की कोशिश करता हूँ लेकिन आज के इस उत्तेजक विषय में पहले छात्र लिखना ही ठीक है) को विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए पहाड़ी चढऩी पड़ती है जिसके लिए कोचिंग सेंटर लगातार लोकप्रिय होते जा रहे हैं।
पिछले बरस एक बड़े कोचिंग सेंटर ने एक शिक्षिका को काम पर रखा जो पहले एक मॉडलिंग मुकाबला जीती हुई थी। इसे सेंटर ने अपने इश्तहारों में एक मादक भूतपूर्व वकील बताकर पेश किया। इस शिक्षिका का कहना था कि मॉडलिंग के पेशे की जिंदगी बहुत लंबी नहीं होती। मुझे भविष्य की भी योजना बनानी थी और मुझे पता है कि रूप-रंग की बाजार में मांग है। ऐसे में एक आकर्षक टीचर के लिए हांगकांग बड़े फायदे की जगह है।
एक विज्ञापन एजेंसी का कहना है कि हांगकांग का कोचिंग व्यवसाय अपनी टीचर्स को फिल्मी सितारों को बढ़ाने की तकनीक से आगे बढ़ाता है। उनके नए नाम गढ़े जाते हैं जैसे अंग्रेजी की एनी...। विज्ञापनों में कोचिंग सेंटरों को स्कूल के बाद की फैशनेबल जगह की तरह पेश किया जाता है।
हांगकांग के चीनी विश्वविद्यालय के एक शोधकर्ता का कहना है कि ट्यूटोरियल्स बहुत बारीकी से उपभेक्ता संस्कृति को आगे बढ़ाते हैं और उनको फायदे का लगे तो वे अपनी शिक्षिकाओं की निजी जिंदगी को भी उजागर करते हैं।
जिन अधेड़ और बूढ़े हवाई मुसाफिरों को एयर होस्टेस देखकर अफसोस होता होगा, उनको अब यह अफसोस और पालने का मौका है कि उन्होंने अपनी साधारण शिक्षिका से अंगे्रजी क्यों सीख ली।
मीडिया में आए दिन आटोमोबाइल प्रदर्शनियों की तस्वीरें आती हैं जिनमें कम कपड़ों में सुंदरियां गाडिय़ों को अपने यौन साथी की तरह करीब रखते दिखती हैं। रूस के एक समाचार चैनल की चर्चा हम पहले ही कर चुके हैं जो अपने नाम 'नग्न सत्यÓ पर खरा उतरते हुए न्यूज रीडर को एक-एक कपड़ा उतारते हुए भी दिखाता है, हर खबर के साथ।
लेकिन नारी देह का अंगे्रजी शिक्षा में योगदान मैंने पहली बार पढ़ा, तो मुझे लगा कि अपना मलाल मैं अपने हमउम्र लोगों को भी बांटू, और नई पीढ़ी के युवकों के लिए अंगे्रजी सीखने के लिए एक नई वजह भी इससे सामने आती है। सीखने-सिखाने, कमाने-खाने वाले सभी लोगों को दुनिया का यह नया दौर मुबारक।
-सुनील कुमार

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