कहीं आपसे गलती या गलत काम हो जाए तो तुरंत पूरी ईमानदारी से उसे मानकर, काफी से काफी अधिक माफी मांगें। इसके साथ कोई किंतु -परंतु न जोड़ें। और आगे की चर्चा में याद न दिलाएं कि आप माफी मांग चुके हैं। याद दिलाने से माफी की अहमियत खत्म। अगर सामने वाले आपकी माफी को याद न रख रहे हों, तो एक बार और माफी मांग लें।
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