छोटी सी बात
कोई आपसे लगातार बुरा बर्ताव करता रहे, तो आप सिर्फ नर्मी पर टिके रहकर देखें। बुरे की बौखलाहट देखते ही बनेगी। तेज धार की तलवार, रोज की जिंदगी में, जो नहीं जीत पाती, वह नर्म जुबान जीत लेती है।
छोटी सी बात
जीमेल जैसे लोकप्रिय ई-मेल में चीनी हैकरों ने सेंध लगा दी है। अब एक से अधिक मेल सर्विसों पर अकाउंट रखें। और कोई भी नाजुक जानकारी किसी पर न रखें।
छोटी सी बात
जो लोग समय पर कहीं पहुंचने के हिसाब से अपनी घडिय़ों को आगे रखते हैं, वे लोग पहले तो खुद अपने को धोखा देते हैं, बाद में वे तब धोखा खा जाते हैं जब किसी को सही घड़ी के मुताबिक चलाने लगते हैं।
छोटी सी बात
जब भीड़ किसी गलत बात को अनदेखा कर रही हो, तब जिम्मेदार लोग उसे देख लेते हैं और बाकियों को दिखाते भी हैं।
छोटी सी बात
अपने आस-पास के गरीब बच्चे को काम दिलाने की न सोचें, ये सोचें कि कैसे उसे स्कूल भेज सकते हैं, उसे पढ़ाएं, फिर कोई हुनर सिखों, काम वह खुद ढूंढ लेगा।
छोटी सी बात
किसी दूसरे प्रदेश में जाने के पहले पता लगा लें कि वहां टेलीफोन, इंटरनेट की कंपनियों में से कौन चलते हैं। कश्मीर में बहुत सी कंपनियों के फोन काम नहीं करते, इंटरनेट डाटा कार्ड काम नहीं करते। कोई भी प्रीपेड काम नहीं करता। ब्लैकबेरी की ईमेल सर्विस, ब्लैकबेरी मैसेंजर काम नहीं करते। लेकिन यह भी याद रखें कि टेलीफोन कंपनियां पूछने पर सही जानकारी दें, ऐसा जरूरी भी नहीं है। इसलिए कुछ अधिक सावधानी बरतना जरूरी है।
छोटी सी बात
जब लोग एक बड़े जत्थे में रहते हैं, तो तमीज खो बैठते हैं। वे बाराती हों, या तीर्थयात्री, वे हिंसक बर्ताव करने लगते हैं, और दूसरों के हक को समझना बंद कर देते हैं। ऐसे में ये लोग, अपने प्रदेश, अपनी बोली, अपनी जाति और धर्म, अपने संगठन और अपनी खुद की इज्जत खो देते हैं। उन्हें देखकर लोग उनके जैसे बाकी लोगों के बारे में भी राय बना लेते हैं। अपनी नहीं तो अपने जैसे बाकी लोगों की इज्जत का तो ख्याल करें।
छोटी सी बात
किसी के मुंह से कोई गलत बात निकले तो उसका बुरा मानने के बजाय उसे उसका अहसास करा दें, हो सकता है कि उसने गलती की हो, गलत बात न कही हो। ऐसा करके आप उसकी मदद करें...
छोटी सी बात
सफर में सामान सिर्फ उतना लेकर चलें जिसे ढोकर, खींचकर, या उठाकर एक दो किलोमीटर चल सकें। कब रेल्वे प्लेटफार्म बदलने के लिए सामान लेकर पुल पार करना पड़े, कब सुरक्षा जांच के लिए लंबा पैदल चलना पड़े, कब बस बिगड़ जाने से दूर पैदल जाना पड़े!
छोटी सी बात
आपको किसी भी इमरजेंसी में अपना फोन परिवार के लोगों को देना पड़ सकता है। उसकी तस्वीरें, फिल्में और लतीफे देखकर वे क्या सोचेंगे, इसे आप अभी सोच लें।
छोटी सी बात
जो लोग अपने मकसद को भूलकर गैरजरूरी बातों में उलझ जाते हैं उनका हाल मंजिल की राह छोड़ कंटीली झाडिय़ों में फंस जाने वाला होता है।
छोटी सी बात
जिंदगी में कुछ फैसलों को दिल से लेना भी ठीक रहता है। हर बार दिमाग का इस्तेमाल सिर्फ कम्प्यूटर को ठीक लगता है। इंसान के कुछ अच्छे कामों के लिए तर्कों को परे भी रख देना चाहिए। लेकिन ऐसे काम किसी को नुकसान पहुंचाने वाले न हों।
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