टीवी की खबरों में जो भी पसंद न हो, उस पर तुरंत किसी दूसरे समाचार चैनल पर काम की खबर ढूंढें। एक पूरे बुलेटिन के पौन घंटे में किसी भी आम इंसान की दिलचस्पी की दस मिनट का भी नहीं होता। जैसे अखबारों के फालतू पन्ने पलटकर हटा दिए जाते हैं, वैसे ही चैनल बदलकर अपना वक्त बचाएं।
—-
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें